टमाटर, मिर्च, शिमला मिर्च और बैंगन में फल के निचले सिरे पर पहले पानी भरा और फिर काला-भूरा धँसा हुआ धब्बा बनना एक आम समस्या है। इसे ब्लॉसम एंड रॉट कहते हैं और यह ज़्यादातर फल तक कैल्शियम न पहुँच पाने से होता है।
कैल्शियम की कमी के लक्षण
फल के निचले सिरे पर काला धब्बा, फलों का फटना, नई पत्तियों और कोंपलों का मुड़ना या सूखना, और फलों का जल्दी खराब होना।
असली वजह: अनियमित सिंचाई
कई बार मिट्टी में कैल्शियम होता है, लेकिन कभी बहुत सूखा और कभी बहुत पानी होने से पौधा उसे फल तक नहीं पहुँचा पाता। इसलिए नियमित और एक समान सिंचाई सबसे पहला उपाय है। मल्चिंग से भी नमी बनी रहती है।
कैल्शियम कैसे दें (लेबल के अनुसार)
Kheti Calmax (Nitrogen 15.5% + Calcium 18.5%, 100% पानी में घुलनशील): छिड़काव 1-2 ग्राम प्रति लीटर पानी; ड्रिप में 2-5 किलो प्रति एकड़। फूल आने और फल बनने के समय छिड़काव सबसे असरदार रहता है।
फल फटने की समस्या में बोरॉन की कमी भी एक कारण हो सकती है — Kheti Boron-20: छिड़काव 1-2 ग्राम प्रति लीटर पानी।
ज़रूरी सावधानी
कैल्शियम नाइट्रेट (Calmax) को फॉस्फेट या सल्फेट वाली खाद (जैसे MAP, MKP, SOP) के साथ एक ही टंकी में न मिलाएं — इससे घोल में जमाव बनता है और ड्रिप बंद हो सकती है। इन्हें अलग-अलग दिन दें।
ध्यान रखें: किसी भी उत्पाद का प्रयोग उसके लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार ही करें और अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
टमाटर का फल नीचे से काला क्यों हो जाता है?
यह ब्लॉसम एंड रॉट है, जो ज़्यादातर फल तक कैल्शियम न पहुँचने से होता है। अनियमित सिंचाई इसकी बड़ी वजह है।
क्या कैल्शियम नाइट्रेट को दूसरी खाद के साथ मिला सकते हैं?
फॉस्फेट या सल्फेट वाली खाद के साथ एक टंकी में न मिलाएं, इससे जमाव बनता है। इन्हें अलग-अलग दें।
