समुद्री शैवाल (Seaweed) से बने उत्पादों में प्राकृतिक रूप से पौधों की बढ़वार में मदद करने वाले तत्व, खनिज और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इसलिए सीवीड एक्सट्रैक्ट आज सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले बायो स्टिमुलेंट में से एक है।
सीवीड के फायदे
पौधे की बढ़वार और हरियाली, फूल और फल बनने में मदद, और गर्मी, सूखे या ठंड जैसे मौसम के तनाव को सहने की क्षमता। रोपाई के बाद पौधे को जल्दी संभलने में भी यह मदद करता है।
कब इस्तेमाल करें
बढ़वार की अवस्था में, फूल आने से पहले, फल बनते समय, और मौसम के तनाव से पहले या बाद में। पत्तियों पर छिड़काव सुबह या शाम के समय करें।
कौन-सा रूप चुनें (लेबल के अनुसार मात्रा)
तरल — Sea Power (Seaweed Extract 10%): छिड़काव 1-2 मिली प्रति लीटर पानी; मिट्टी में 1-2 लीटर प्रति एकड़।
तरल + अमीनो — Sea Amino (Seaweed 10% + Amino Acids 10%): छिड़काव 1-2 मिली प्रति लीटर पानी; मिट्टी में 1-2 लीटर प्रति एकड़।
पाउडर — Sea Boost (Seaweed Extract 98%): छिड़काव 0.5-1 ग्राम प्रति लीटर पानी; मिट्टी में 1-2 किलो प्रति एकड़।
दानेदार — Sea Granules (Seaweed Extract 2%): मिट्टी में 5-10 किलो प्रति एकड़, खाद के साथ मिलाकर, फिर सिंचाई करें।
ज़रूरी सावधानी
तरल उत्पादों को इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह हिलाएं। किसी दूसरी दवा या खाद के साथ मिलाने से पहले थोड़ी मात्रा में जांच (जार टेस्ट) कर लें।
ध्यान रखें: किसी भी उत्पाद का प्रयोग उसके लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार ही करें और अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सीवीड का छिड़काव कब करना चाहिए?
बढ़वार की अवस्था में, फूल आने से पहले और फल बनते समय। छिड़काव सुबह या शाम को करें।
तरल और पाउडर सीवीड में क्या फर्क है?
दोनों का काम एक जैसा है; पाउडर ज़्यादा गाढ़ा होता है इसलिए कम मात्रा लगती है। मात्रा हमेशा उत्पाद के लेबल के अनुसार रखें।
