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फसल पोषण

गेहूं में जिंक की कमी: पहचान, कारण और सही उपाय

गेहूं की पत्तियों में पीली धारियां, कम फुटाव और बौने पौधे जिंक की कमी के संकेत हो सकते हैं। जानिए इसे कैसे पहचानें और बुवाई से लेकर छिड़काव तक कैसे ठीक करें।

फसल पोषण29 Sept 20265 मिनट

जिंक (Zinc) गेहूं के लिए बहुत कम मात्रा में चाहिए, लेकिन इसकी कमी से पूरी फसल की बढ़वार रुक जाती है। भारत की बहुत-सी खेती वाली मिट्टियों में जिंक की कमी पाई जाती है, इसलिए रबी की बुवाई से पहले इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।

जिंक की कमी के लक्षण

कमी होने पर बीच की पत्तियों पर नसों के बीच हल्की पीली धारियां दिखती हैं, पौधे छोटे रह जाते हैं, फुटाव (tillering) कम होता है और फसल देर से पकती है। कई बार किसान इसे बीमारी समझ लेते हैं, जबकि असल वजह पोषण की कमी होती है।

किन खेतों में कमी ज़्यादा होती है

जिन मिट्टियों का pH ज़्यादा (क्षारीय) है, जहां लगातार धान-गेहूं लिया जा रहा है, जहां फॉस्फोरस खाद बहुत ज़्यादा डाली गई है, या जहां जैविक खाद कम डलती है — वहां जिंक पौधों को आसानी से नहीं मिल पाता। सबसे सही तरीका मिट्टी की जांच (Soil Test) कराना है।

उपाय 1: बुवाई के समय मिट्टी में जिंक

बुवाई के समय जिंक सल्फेट मिट्टी में डालना सबसे भरोसेमंद तरीका है। Kheti Zinc-21 (Zinc 21%) की मात्रा मिट्टी जांच के अनुसार तय करें; लेबल के अनुसार सामान्यतः 10-25 किलो प्रति एकड़, या कृषि विशेषज्ञ की सलाह अनुसार।

उपाय 2: मिट्टी में फंसे जिंक को उपलब्ध बनाना

कई खेतों में जिंक मौजूद होता है पर घुलनशील रूप में नहीं होता। Kheti Bio Zinc में जिंक घुलनशील बनाने वाले बैक्टीरिया होते हैं। लेबल के अनुसार बीज उपचार: 20-25 ग्राम प्रति किलो बीज (गुड़ के घोल के साथ, छाया में सुखाएं), या मिट्टी में 2-5 किलो प्रति एकड़।

उपाय 3: खड़ी फसल में लक्षण दिखें तो छिड़काव

अगर फसल में लक्षण दिख जाएं तो चिलेटेड जिंक का पत्तियों पर छिड़काव जल्दी असर करता है। Zinc Power (Zinc 12% EDTA) — लेबल के अनुसार 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी, फसल की अवस्था और ज़रूरत के अनुसार।

ध्यान रखें: किसी भी उत्पाद का प्रयोग उसके लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार ही करें और अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गेहूं में जिंक कब डालना चाहिए?

सबसे अच्छा समय बुवाई के समय मिट्टी में डालना है। अगर बाद में लक्षण दिखें तो चिलेटेड जिंक का पत्तियों पर छिड़काव किया जा सकता है।

क्या जिंक सल्फेट और फॉस्फोरस खाद एक साथ मिला सकते हैं?

आमतौर पर जिंक सल्फेट को फॉस्फेटिक खाद (जैसे DAP) के साथ मिलाकर नहीं डालने की सलाह दी जाती है। दोनों को अलग-अलग डालें और अपने कृषि विशेषज्ञ से पुष्टि करें।

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