चना, मसूर और मटर जैसी दलहनी फसलें अपनी जड़ों में बनी गांठों (नोड्यूल) के ज़रिए हवा से नाइट्रोजन ले सकती हैं। यह काम राइजोबियम बैक्टीरिया करते हैं। बीज को बुवाई से पहले इनसे उपचारित करने पर जड़ों में अच्छी गांठें बनती हैं।
राइजोबियम और PSB क्या करते हैं
राइजोबियम: दलहनी फसलों की जड़ों पर गांठें बनाकर हवा से नाइट्रोजन स्थिर करता है।
PSB (फॉस्फेट घोलने वाले बैक्टीरिया): मिट्टी में फंसे फॉस्फोरस को घुलनशील बनाकर पौधों तक पहुंचाते हैं, जिससे जड़ों का विकास बेहतर होता है।
बीज उपचार का सही क्रम
अगर बीज पर फफूंदनाशक या कीटनाशक से भी उपचार करना है, तो पहले फफूंदनाशक, फिर कीटनाशक और सबसे आखिर में जैव उर्वरक (राइजोबियम/PSB) लगाएं। जैव उर्वरक लगाने के बाद बीज को रसायनों के साथ न मिलाएं।
बीज उपचार कैसे करें
1. थोड़े पानी में गुड़ घोलकर ठंडा कर लें। 2. इसमें जैव उर्वरक मिलाकर बीज पर एक समान परत चढ़ाएं। 3. बीज को छाया में सुखाएं, धूप में नहीं। 4. उपचारित बीज की जल्दी बुवाई करें।
मात्रा (लेबल के अनुसार): Kheti Rhizobium — 25 ग्राम प्रति किलो बीज; Kheti PSB — 10 ग्राम प्रति किलो बीज। मिट्टी में डालने के लिए: Rhizobium 2.5-5 किलो और PSB 2-5 किलो प्रति एकड़, कूड़ में या जड़ों के पास।
ज़रूरी सावधानियां
जैव उर्वरक को धूप और गर्मी से बचाकर रखें, पैकेट पर लिखी एक्सपायरी तारीख देखें, और उपचारित बीज को रासायनिक खाद के सीधे संपर्क में न आने दें।
ध्यान रखें: किसी भी उत्पाद का प्रयोग उसके लेबल पर दिए निर्देशों के अनुसार ही करें और अपने क्षेत्र के कृषि विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या राइजोबियम और PSB एक साथ लगा सकते हैं?
हां, दोनों जैव उर्वरकों को गुड़ के घोल में मिलाकर एक साथ बीज पर लगाया जा सकता है। मात्रा हर उत्पाद के लेबल के अनुसार रखें।
उपचारित बीज कितनी देर में बोना चाहिए?
छाया में सुखाने के बाद जितनी जल्दी हो सके बुवाई करें, ताकि बैक्टीरिया जीवित और सक्रिय रहें।
